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खेती में NPK खाद का महत्व और इसके सभी ग्रेड की पूरी जानकारी
किसानों को सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-सा एनपीके किस परिस्थिति के लिए सर्वोत्तम है। क्योंकि उर्वरकों का गलत चयन न केवल फसल की बढ़वार को प्रभावित करता है, बल्कि उत्पादन की लागत भी बढ़ा देता है।
NPK क्या है?
एनपीके शब्द तीन प्रमुख पोषक तत्वों का संकेत है:
N (Nitrogen - नाइट्रोजन): पौधों की वृद्धि और हरेपन के लिए आवश्यक।
P (Phosphorus - फास्फोरस): जड़, फूल और बीज बनने में मददगार।
K (Potassium - पोटेशियम): पौधों को रोग, कीट और सूखे से लड़ने की शक्ति देता है।
जब किसी एनपीके उर्वरक के पैकेट पर लिखा होता है जैसे 12:32:16, तो इसका मतलब है –
12% नाइट्रोजन,
32% फास्फोरस,
16% पोटेशियम।
कुछ उर्वरकों में चौथे स्थान पर सल्फर (S) भी लिखा होता है, जैसे 20:20:0:13, जिसमें 13% सल्फर मौजूद होता है।
एनपीके उर्वरकों की दो मुख्य श्रेणियाँ
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सोइल एप्लीकेशन (Soil Application) वाले उर्वरक
इन्हें बीज बुवाई के समय मिट्टी में नीचे दिया जाता है।
मिट्टी की उर्वरता और फसल की शुरुआती वृद्धि के लिए बेहद जरूरी।
उदाहरण: 12:32:16, 10:26:26, 20:20:0:13।
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वॉटर सॉल्युबल और फोलियर स्प्रे (Water Soluble & Foliar Spray) वाले उर्वरक
ये महंगे और तुरंत पानी में घुलने वाले उर्वरक होते हैं।
ड्रिप इरीगेशन या पत्तियों पर छिड़काव के माध्यम से दिए जाते हैं।
उदाहरण: 19:19:19, 13:0:45, 0:52:34, मोनो अमोनियम फॉस्फेट (MAP)।
बुवाई के समय इस्तेमाल होने वाले प्रमुख NPK उर्वरक
1. 12:32:16 – संतुलित और आदर्श उर्वरक
तत्व संरचना: 12% N, 32% P, 16% K।
फसलें: गेहूं, धान, मक्का जैसी अधिकांश फसलें।
विशेषता:
संतुलित अनुपात, इसलिए इसे आदर्श माना जाता है।
मिट्टी में शुरुआती पोषण की पूर्ति करता है।
जहां थोड़ा अतिरिक्त पोटेशियम चाहिए, वहां 6–7 किलो एमओपी (MOP) प्रति एकड़ मिलाना उचित।
प्रयोग मात्रा: लगभग 75 किलो प्रति एकड़।
2. 10:26:26 – पोटेशियम कमी वाली मिट्टी के लिए
तत्व संरचना: 10% N, 26% P, 26% K।
प्रयोग:
जहां मिट्टी में पोटेशियम की भारी कमी हो।
ऐसी जगहें जहां फसलें कमजोर और रोग-संवेदनशील दिखती हों।
लाभ: मिट्टी में पोटाश की कमी पूरी कर संतुलित वृद्धि सुनिश्चित करता है।
3. 20:20:0:13 – सल्फर की कमी पूरी करने वाला उर्वरक
तत्व संरचना: 20% N, 20% P, 0% K, 13% S।
उपयोग:
सल्फर (गंधक) की कमी वाले क्षेत्रों में।
सल्फर पौधों में प्रोटीन, तेल और क्लोरोफिल बनाने में मदद करता है।
सावधानी:
इसमें पोटेशियम नहीं है, इसलिए इसे हमेशा MOP (27 किलो प्रति एकड़) के साथ दें।
खड़ी फसल के लिए वाटर सॉल्युबल और फोलियर स्प्रे उर्वरक
ये उर्वरक महंगे होते हैं, लेकिन त्वरित परिणाम देते हैं। इनका उपयोग तब किया जाता है जब फसल बढ़वार के दौरान किसी तत्व की कमी दिखे।
1. 19:19:19 (Triple 19)
तीनों तत्व समान मात्रा में – नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम।
उपयोग: सब्जियों और बागवानी फसलों में संतुलित पोषण के लिए।
2. 13:0:45 (Potassium Nitrate)
संरचना: 13% N, 0% P, 45% K।
उपयोग:
जब पोटेशियम की कमी हो।
फूल आने से पहले और फल बनने के समय।
लाभ: फसल की गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
3. 0:52:34 (Mono Potassium Phosphate - MKP)
संरचना: 0% N, 52% P, 34% K।
उपयोग:
जब नाइट्रोजन की कमी न हो, लेकिन फास्फोरस और पोटेशियम की कमी हो।
लाभ: फूल और फल की बेहतर वृद्धि, उच्च पैदावार।
4. मोनो अमोनियम फॉस्फेट (MAP 12:61:0)
संरचना: 12% N, 61% P।
उपयोग: जब फास्फोरस की अधिक कमी हो।
लाभ: जड़ों की वृद्धि और शुरुआती विकास के लिए उपयुक्त।
5. सल्फेट ऑफ पोटाश (SOP 0:0:50)
संरचना: 50% K, सल्फर युक्त।
उपयोग: जब केवल पोटेशियम की कमी हो।
लाभ: फसल की गुणवत्ता और मिठास बढ़ाता है, खासकर फलों में।
सही प्रयोग की विधि और सावधानियाँ
सोइल एप्लीकेशन:
हमेशा बुवाई के समय बीज के नीचे।
मिट्टी की सतह पर डालने से असर कम हो जाता है।
फोलियर स्प्रे:
1 लीटर पानी में 10–20 ग्राम तक (1–2%) घोलकर छिड़काव करें।
20 ग्राम प्रति लीटर से अधिक न डालें, अन्यथा पत्तियाँ जल सकती हैं।
ड्रिप इरीगेशन:
वाटर सॉल्युबल ग्रेड ही प्रयोग करें।
छोटे पैकेट (1–2 किलो) में उपलब्ध होते हैं।
किसानों के लिए सुझाव
सबसे पहले अपनी मिट्टी की जाँच (Soil Testing) कराएँ।
फसल और मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक का चुनाव करें।
बुवाई के समय 12:32:16 को प्राथमिकता दें।
यदि सल्फर की कमी है, तो 20:20:0:13 के साथ MOP अवश्य दें।
खड़ी फसल में कमी दिखने पर ही महंगे वाटर सॉल्युबल उर्वरक का छिड़काव करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
NPK उर्वरक का मतलब क्या होता है?
NPK का अर्थ है Nitrogen (N), Phosphorus (P) और Potassium (K)। ये तीन प्रमुख पोषक तत्व पौधों के संतुलित विकास के लिए आवश्यक हैं।
12:32:16 उर्वरक किन फसलों में डालना चाहिए?
गेहूं, धान, मक्का सहित अधिकतर फसलों में बुवाई के समय 12:32:16 लाभकारी है। स्थानीय सिफारिश अनुसार मात्रा समायोजित करें।
19:19:19 उर्वरक कब देना चाहिए?
खड़ी फसल में संतुलित पोषण हेतु, विशेषकर सब्जियों/बागवानी में। फोलियर या ड्रिप से 1–2% घोल में दें।
क्या 20:20:0:13 में पोटेशियम होता है?
नहीं। इसमें पोटेशियम नहीं है, इसलिए सामान्यतः MOP (~27 किग्रा/एकड़) साथ देना चाहिए।
NPK चुनने से पहले क्या करें?
मिट्टी परीक्षण कराएँ और फसल/मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार वैज्ञानिक सलाह से उर्वरक का चयन करें।
निष्कर्ष
सही समय पर सही एनपीके का चुनाव करना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि फसल को जरूरत अनुसार नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम मिले, तो उसकी वृद्धि संतुलित होती है, पैदावार अधिक होती है और उत्पादन लागत भी नियंत्रित रहती है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे हमेशा अपनी मिट्टी की जांच कराएँ और वैज्ञानिक सलाह लेकर ही उर्वरकों का प्रयोग करें।
नोट: उर्वरकों के प्रयोग से पहले अपने क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ या कृषि अधिकारी से परामर्श अवश्य लें। सभी उर्वरकों का उपयोग निर्धारित मात्रा और सही समय पर ही करें।
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